बलून में बैठकर ‘काशी दर्शन’ के लिए हो जाइए तैयार

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काशी के घाट अब बलून में बैठकर भी निहारे जा सकेंगे। पर्यटन विभाग यह तोहफा देने जा रहा है। इसके साथ ही वाराणसी पहला ऐसा जिला होगा जहां बलून से सैर का मौका मिलेगा। इसका ट्रायल रविवार से शुरू होगा।काशी आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों के लिए पर्यटन विभाग ने खास तौर पर एयर बलूनिंग शुरू करने की तैयारी की है। पर्यटन मंत्रालय की मंजूरी से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत योजना लॉन्च होगी।

500 फीट ऊंचाई तक जाएगा बलून

हवा से भी हल्की हीलियम गैस से उड़ने वाला बलून तीस वर्ग मीटर के दायरे में पांच सौ फुट की ऊंचाई तक जाएगा। इसमें सैलानियों के साथ नियंत्रण के लिए पायलट रहेगा। प्लान के मुताबिक सारनाथ और अस्सी घाट को एयर बलूनिंग स्टेशन के लिए चयनित किया गया है।

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एडवेंचर और ईको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

ट्रायल हॉट एयर बलून से- पर्यटन विभाग के सहायक पर्यटन अधिकारी विकास नारायण ने बताया कि अडवेंचर और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने असिस्टेंस इंडिया एजेंसी के साथ समझौता किया है। ट्रायल के तौर पर 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक अस्सी घाट पर इसे शुरू करने को एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति मिल चुकी है। ट्रायल में हॉट बलून को 100 फीट ऊंचाई तक उड़ाया जाएगा लेकिन वह स्थिर रहेगा। इस ऊंचाई से पूरा वाराणसी देखा जा सकेगा। बलून में एक साथ पांच लोग बैठ सकेंगे। दस दिनों में परिणाम सामने आने पर उस अनुसार इसे फ्लोटिंग करने की तैयारी की जाएगी।

सुबह-ए-बनारस बनेगा खास

हॉट एयर बलून सेवा 24 दिसंबर से सुबह 7.30 बजे से रात 11 बजे तक अस्सी घाट पर बने सुबह-ए-बनारस के मंच के नीचे से शुरू होगी। इसका शुभारंभ वाराणसी मंडल के आयुक्त नितिन रमेश गोकर्ण और संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र करेंगे। इसके लिए 500 रुपये शुल्क देना होगा।

साभार- नवभारत टाइम्स

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