प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश को संबोधित करते हुए कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को पढ़ाई के साथ ही खेलों(sports) में हिस्सा लेने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा, “इन दिनों हम देख रहे हैं कि हमारे युवाओं का खेलों में रुझान बढ़ रहा है।
यह साफ दिखाई दे रहा है कि हमारी नई पीढ़ियों को शिक्षा के साथ ही खेलों में भी अपना भविष्य नजर आ रहा है। और हमारे खिलाड़ी अपने कौशल और उपलब्धियों से देश के लिए ख्याति भी अर्जित करते हैं।”
मोदी ने कहा, “हम खेलों को जितना बढ़ावा देंगे, हमें उतनी ज्यादा खेलभावना देखने को मिलती है। खेल व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों का संपूर्ण शारीरिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान है।”
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प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर बच्चों की खेलों में रुचि है तो उन्हें इसके अवसर दिए जाने चाहिए।
मोदी ने कहा, “उन्हें पढ़ाई भी करनी चाहिए। अगर वे पढ़ाई में अच्छा कर सकते हैं, तो उन्हें अवश्य करना चाहिए, लेकिन अगर उनकी खेलों में क्षमता और रुचि है तो स्कूल, कॉलेज, परिवार और उनके आसपास के सभी लोगों को उन्हें बढ़ावा देना चाहिए।”
मोदी ने कहा कि हर किसी को आगामी ओलंपिक्स के लिए सपना देखना चाहिए, क्योंकि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
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