शहर में आयेंगे आराम से, नहीं खाने होंगे हिचकोले जानें कैसे ?

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शहर के बाहर की सड़कें तो खूब चौड़ी हो गयी हैं। रिंगरोड और हाईवे के बिछे जाल ने शहर के बाहर के सफर को सहूलियतभरा बना दिया लेकिन बाहर से चौड़ी सड़कों पर सफर करके शहर में दाखिल होने के लिए सकरी सड़कों पर चलने को मजबूर लोगों की परेशानी अब दूर होने वाली है।

वाराणसी डीएम कौशलराज शर्मा ने हाईवे व रिंग रोड से शहर की ओर आने वाली सभी सड़कों को चौड़ा करने का आदेश दिया है। उनका कहना है कि शहर के अंदर आने वाली सड़कों का चौड़ीकरण करने का निर्देश वीडीए को दिया गया है। विभाग इसके लिए उन रूटों का सर्वे कर प्रस्ताव बनाएगा जिसके अनुसार परेशानियों को दूर करके सड़कों को चौड़ा किया जाएगा।

चौड़ी होंगी कई सड़कें-

हाईवे और रिंगरोड से जुड़ी शहर में प्रवेश करने वाली सड़कों को चौड़ा करने के लिए डीएम ने वीडीए को सर्वे करके प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया है। सर्वे के दौरान इस बात पर खास ध्यान देने को कहा है कि किन-किन रूट पर अतिक्रमण है। कौन से एसे रूट हैं जिन पर पब्लिक प्रापर्टी है जिन्हें सड़क चौड़ी करने के लिए खरीदने की जरूरत होगी।

इस बात का पता भी लगाया जाएगा कि इन्हें खरीदने में कितना खर्च होगा। रिंग रोड से पहड़िया, रिंग रोड से कलेक्ट्री फार्म, रिंग रोड से पंचकोसी, रिंग रोड से भोजूबीर, मोहनसराय से कैंट, रिंग रोड से पांडेयपुर, रिंग रोड से सारनाथ, रिंग रोड से शिवपुर रोड शहर की ओर आती हैं लेकिन ये उतनी चौड़ी नहीं हैं जिन पर आसानी से बड़ी गाड़ियां दौड़ सकें।

वक्त की होगी बचत-

शहर के बाहर रिंगरोड और हाईवे बनने से लोगों को एक जिले से दूसरे तक पहुंचने में काफी आसानी होती है। वहीं दूसरे जिलों से बनारस आने वालों को शहर में दाखिल होने काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

रिंगरोड और हाईवे से जुड़ी सड़कें चौड़ी ना होने से लोगों को काफी वक्त नुकसान होता है। इन सड़कों पर लगभग हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है जिससे निकलने में लोगों लोग घंटों लग जाते हैं। शहर में दाखिल होने के कई सड़कें काफी सकरी हैं वहीं कुछ सड़कें चौड़ी हैं तो उस पर लोगों ने कब्जा करके कच्चा-पक्का निर्माण कर लिया है।

काफी प्रयास के बाद भी सड़कों से अतिक्रमण हट नहीं सका है। दिन के वक्त सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ते ही जाम लगता है। हर रोज हजारों लोग अलग-अलग कारणों से दूसरे जिलों से बनारस आते हैं। जाम के चलते हास्पिटल तो कोई, कालेज समय से नहीं पहुंच पाता है। नौकरी और व्यवसाय की वजह से आने वालों का भी वक्त बर्बाद होता है।

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-Adv-

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