Paush Amavasya 2022: कल है पौष अमावस्या, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्त्व

हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण पक्ष की 15वीं तिथि को अमावस्या होती है।

0 297

हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण पक्ष की 15वीं तिथि को अमावस्या होती है। जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्त्व होता है। भगवान विष्णु को समर्पित अमावस्या तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान के बाद भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस दिन पितरों का तर्पण भी किया जाता है। साथ ही इस दिन पति की लंबी आयु की कामना के लिए महिलाएं व्रत भी रखती हैं।

मुहूर्त-

पौष, कृष्ण अमावस्या प्रारम्भ – 03:41 AM, 02 जनवरी

पौष, कृष्ण अमावस्या समाप्त – 12:02 AM, 03 जनवरी

अमावस्या पर ये करें उपाय:

-धार्मिक मान्यता के अनुसार अमावस्या के दिन कालसर्प दोष की पूजा और उपाय किए जाते हैं। इस दिन चांदी से निर्मित नाग-नागिनी की पूजा कर उन्हें नदी में प्रवाहित करने की मान्यता है।

-अमावस्या के दिन गरीबों और जरुरतमंद लोगों की मदद करनापुण्य का काम माना जाता है। ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं।

-धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन ब्राह्मणों को भोजन जरूर कराएं। इसके बाद उन्हें दान-दक्षिणा भी दें।

-इस दिन प्रातः काल पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने से समस्याओं का अंत होता है। यदि पवित्र नदी में स्नान संभव न हो तो घर पर गंगाजल युक्त पानी से भी स्नान करने की मान्यता है।

-जीवन में व्याप्त सभी परेशानियों का अंत होता है। अगर पवित्र नदी में स्नान संभव न हो तो घर पर गंगाजल युक्त पानी से स्नान कर सकते हैं। ऐसा करने के बाद आटे का चारा मछलियों को खिलाएं।

 

यह भी पढ़ें: चेहरे के मुहांसों को यूं न करे नजरअंदाज, छोटी सी गलतियों से हो सकती है गंभीर समस्या..

यह भी पढ़ें: Chunar Assembly: इस पटेल बाहुल्य सीट पर भाजपा का रहा है दबदबा, कभी नहीं जीत पाई BSP

(अन्य खबरों के लिए हमेंफेसबुकपर ज्वॉइन करें। आप हमेंट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं। अगर आप हेलो एप्प इस्तेमाल करते हैं तो हमसे जुड़ें।)

Comments

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More