नोटबंदी और जीएसटी दोनों ने भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसटी) की वृद्धि दर को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को यह बातें कही।
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नोटबंदी और जीडीपी दोनों को भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा
मनमोहन सिंह ने पहले कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था केवल ‘एक इंजन’ पर चल रही है और वह है सार्वजनिक खर्च। उन्होंने सोमवार को कहा, “नोटबंदी और जीडीपी दोनों को भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है।
90 फीसदी से अधिक रोजगार असंगठित क्षेत्र में ही है
उन्होंने कहा, “दोनों ने असंगठित क्षेत्र, छोटे पैमाने पर व्यापार के क्षेत्र को प्रभावित किया है, जिसका जीडीपी में 40 फीसदी योगदान है और 90 फीसदी से अधिक रोजगार असंगठित क्षेत्र में ही है।
86 फीसदी नोट को प्रचलन से बाहर कर दिया
उन्होंने कहा, “ऐसे में जब 86 फीसदी नोट को प्रचलन से बाहर कर दिया जाए और ऊपर से जीएसटी लगा दिया जाए, जिसे जल्दीबाजी में लागू किया गया है। तो आने वाले दिनों में जीएसटी पर और ज्यादा प्रतिकूल प्रभाव की संभावना है।
नोटबंदी से देश की जीडीपी 1 से 2 फीसदी तक घट जाएगी
भारतीय रिजर्व बैंक को पूर्व गर्वनर रघुराम राजन ने इस महीने की शुरुआत में अनुमान लगाया था कि नोटबंदी से देश की जीडीपी 1 से 2 फीसदी तक घट जाएगी, जो लगभग 2 लाख करोड़ रुपये है।
नोटबंदी को लेकर हमेंशा हावी रहा है विपक्ष
जब से मोदी सरकार ने नोटबंदी की है तब से लेकर दोनो पार्टिया में काफी नोकझोक है खास कर कांग्रेस एक के बाद एक करके बीजेपी पर हमला बोलती है उसके बाद जीएसटी लागू करने के बाद देश की जीडीपी में 1 से 2 प्रतिशत आई गिरावट के बाद बीजेपी पर हमले लगातार तेज ही रहे है ।
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