संसद के मॉनसून सत्र में मणिपुर के हालात को लेकर जमकर हंगामा हो रहा है, इस बीच सोशल मीडिया पर दो बड़े चेहरों की लड़ाई भी सुर्खियां बटोर रही है. कवि कुमार विश्वास ने जब हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक ट्वीट का जवाब दिया तो दोनों के बीच ट्विटर वॉर शुरू हो गया. कुमार विश्वास ने कुरान और संविधान की बात की तो ओवैसी ने भी उन्हें करारा जवाब दिया. समझिए कैसे शुरू हुई दोनों के बीच ये बहस.
मुसलमानों को बराबरी न मिलने की बात कही…
सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने 23 जुलाई को एक रिपोर्ट पोस्ट करते हुए लिखा था कि कई दशकों में ऐसा हुआ है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो में वरिष्ठ स्तर पर कोई मुस्लिम अधिकारी नहीं है. यह उस संदेह का असर है जिस नजर से बीजेपी मुसलमानों को देखती है. आईबी और रॉ अब पूरी तरह से बहुसंख्यकों की संस्थाएं बन गई हैं. आप मुसलमानों से लगातार निष्ठा का सबूत मांगते हैं, लेकिन उन्हें कभी भी बराबरी का दर्जा नहीं देते.
असदुद्दीन ओवैसी के इस ट्वीट ने खूब सुर्खियां बटोरीं और कवि कुमार विश्वास ने इस पर जवाब दिया. कुमार ने अपने ट्वीट में लिखा कि वकील साहब, आप जो कुछ भी कहते हैं उसे सिर-आंखों पर रखते हैं, बस इतना कीजिए कि ये दो महत्वपूर्ण बातें खुलकर बोल दीजिए. पहला, अगर हमें इस्लाम और भारत में से किसी एक को चुनना हो तो हम भारत को चुनेंगे, दूसरे, अगर हमें कुरान शरीफ और संविधान में से किसी एक को चुनना होगा तो हम संविधान को चुनेंगे। आपके इस कथन की प्रतीक्षा एक भारतीय सनातनी सदियों से कर रहा है.
वक़ील साहब आपकी हर बात सर-आँखों पर बस ज़रा इतनी सी ज़हमत करें कि ये दो बहुत ज़रूरी बात आप भी एक-बार खुलेआम बोल भर दें। बोलिए –
“अगर इस्लाम और भारत में एक को चुनने का मौक़ा होगा तो मैं इस्लाम छोड़कर भारत चुनूँगा।”
“अगर क़ुरान शरीफ़ और संविधान में एक को चुनने का मौक़ा होगा तो मैं… https://t.co/PxMOHASZK8— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) July 24, 2023
दोनों के बीच शुरू हुआ ट्विटर वॉर…
दोनों के बीच ये ट्विटर वॉर यहीं नहीं रुका, असदुद्दीन ओवैसी ने अलग से नाम लिए बिना कुमार विश्वास को जवाब दिया. ओवैसी ने लिखा कि ट्वीट पर कई लोगों ने जासूसी और खुफिया एजेंसियों में मुस्लिम अधिकारियों की कमी को लेकर सवाल उठाए हैं, मुसलमानों से पूछा गया है कि वे धर्म और देश में से किसे चुनेंगे.
भारत के जासूसी और इंटेलिजेंस एजेंसियों में मुस्लिम अफ़सरों की कमी वाले मेरे ट्वीट पर लोगों ने बहुत सारे सवाल उठाए।
मुसलमानों से पुछा जाता है कि मज़हब और मुल्क के बीच में किसे चुना जाएगा।
पता नहीं कितने लोग देश की सुरक्षा का सौदा करते हुए पकडे जाते हैं, ISI महिलाओं के फेक…
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) July 24, 2023
औवेसी ने लिखा कि देश की सुरक्षा से निपटने में न जाने कितने लोग पकड़े जाते हैं, आईएसआई फर्जी अकाउंट बनाकर महिलाओं को फंसाती है. एआईएमआईएम प्रमुख ने लिखा कि धर्म की बात छोड़ भी दें तो क्या कोई उनसे पूछेगा कि वह अपनी वासना और देश में से किसे चुनते हैं?
गौरतलब है कि असदुद्दीन ओवैसी लगातार मोदी सरकार और बीजेपी पर देश में माहौल खराब करने का आरोप लगाते रहे हैं और मुसलमानों के साथ भेदभाव का दावा करते रहे हैं. वहीं कुमार विश्वास इस मामले को सोशल मीडिया और अपने कार्यक्रमों के जरिए उठाते रहे हैं, जिसका जिक्र उन्होंने औवेसी को किए ट्वीट में भी किया है.
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