भारत के पहले अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए इसरो किसी जानवर पर परीक्षण नहीं करेगा। भारतीय स्पेस रिसर्च संस्थान (इसरो) ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि 2022 तक हमारी योजना अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की है।
इससे पहले दो बार परीक्षण किए जाएंगे, जिसके लिए मानव रोबोट का प्रयोग किया जाएगा। ये परीक्षण किसी भी जानवर पर नहीं होंगे, लेकिन प्रभावों के आकलन के लिए मानव प्रकृति से मिलते हुए रोबॉट का प्रयोग होगा।
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इसरो के चेयरमैन के सिवान ने मीडिया को बताया, ‘मानव जैसा रोबॉट पूरी तरह से तैयार है।’ सिवान ने कहा कि यह मिशन हमारे लिए सिर्फ अपनी क्षमता दिखाने का मौका भर नहीं है। हमारा लक्ष्य अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के साथ ही उन्हें सुरक्षित वापस लाना भी है।
उन्होंने मिशन के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘हम जो रोबॉट भेज रहे हैं वह एक आदमी जो कुछ भी कर सकता है वह सब करने में सक्षम होगा। हालांकि, इसे 100 फीसदी मानवीय क्षमता से भरपूर नहीं बता सकते। हमारी प्राथमिकता है कि पहली फ्लाइट भी खाली न जाए और इस अवसर का उपयोग हम अधिकतम तरीके से कर सकें।
हम इसके लिए अपने तरीके से निर्मित मानव रोबॉट का करेंगे।’ मीडिया में कुछ दिन पहले ही यह खबर छपी थी कि गगनयान की तैयारी में इसरो 10 अलग-अलग तरह के महत्वपूर्ण टेस्ट कर रहा है। इनमें मेडिकल उपकरणों के साथ माइक्रोबायॉलजी से संबंधि टेस्ट, एयर फिल्टर और बायोसेंसर जैसे महत्वपूर्ण टेस्ट शामिल है। इस साल के अंत तक गगनयान के यात्रियों की तलाश भी पूरी होने की संभावना है।
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