माह-ए -रमजान को अब अलविदा कहने का समय आ गया है. इसी के चलते आज कड़ी सुरक्षा की बीच अलविदा की नमाज पढ़ी जाएगी. इसको लेकर दिल्ली से लेकर लखनऊ तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है. संवेदनशील इलाकों में पुलिस प्रशासन के लोग ड्रोन से नजर रख रहे हैं. दूसरी ओर सोशल मीडिया की भी निगरानी की जाएगी.
सड़क और छतों पर नमाज अता करने पर रोक
बता दें कि बुधवार को शांति समिति की बैठक में कुछ लोगों द्वारा छतों पर नमाज पढ़ने का मामला उठाया गया था. एएसपी ने कहा कि उन लोगों ने पूछा था कि क्य़ा वे आसपास की छतों पर गैर परंपरागत रूप से नमाज अता कर सकते हैं अथवा नहीं, जिस पर यह स्पष्ट किया गया कि छतों पर एकत्र न हों, क्योंकि इससे हादसा हो सकता है.
यूपी में नमाज को लेकर प्रशासन अलर्ट…
यूपी में अलविदा जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है. संभल में एहतियाती तौर पर 2500 लोग पाबंद किए गए हैं. संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया. मेरठ में भी ईदगाह जैसे खास स्थानों के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. रमजान के आखिरी जुमे को लेकर लखनऊ और प्रयागराज में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. कहीं भी किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हो, इसको लेकर खासा इंतजाम किया गया है.
काली पट्टी बांधकर मस्जिद आएं, विरोध दर्ज करें
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुसलमानों से एक महत्वपूर्ण अपील की है जिसमें कहा गया है कि वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ जुमा-तुल-विदा के मौके पर अपने बाजू पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करें. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस बिल को एक गहरी साजिश बताया है. इसका उद्देश्य मुसलमानों को उनके धार्मिक संस्थाओं से बेदखल करना है.
बोर्ड ने कहा है कि देश के हर मुसलमान की यह जिम्मेदारी है कि वह इस बिल का पुरजोर विरोध दर्ज कराएं. जुमा-तुल-विदा के दिन अपने हाथ पर काली पट्टी बांधकर मस्जिद आएं और अपने दुख और आक्रोश का शांतिपूर्ण एवं मौन प्रदर्शन करें.
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मौलाना ने रमजान को सियासत से दूर रखने की अपील की
मौलाना शहाबुद्दीन ने मुस्लिम पर्सनल बोर्ड पर रमजान के पवित्र महीने को सियासत में घसीटने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बोर्ड ने अपनी कमजोर होती स्थिति को देखते हुए पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर और फिर पटना में वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया. अब अलविदा की नमाज के दिन मुसलमानों से काली पट्टी बांधने के लिए कहा है. बोर्ड मुसलमानों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करने की कोशिश कर रहा है.