मुख्यमंत्री बनने के बाद सीएम योगी लगातार कड़े से कड़े फैसले ले रहे हैं। चाहे वो कानून व्यवस्था से संबंधित हो भ्रष्टाचार से या फिर महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित रोमियो स्क्वायड का गठन हो। सीएम योगी ने सत्ता संभालते ही पूरी तरह से एक्शन में आते हुए सूबे में अवैध बूचड़खानों से शुरुआत कर एक के बाद एक फैसले ले रहै हैं।
इसी कड़ी में अब सीएम ने सूबे में हो रही एसिड अटैक की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली ही है। बता दें कि 24 मार्च को लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में गैंगरेप और एसिड अटैक की पीड़ित महिला से सीएम ने मुलाकात की थी। कुछ दबंगों ने पीड़ित महिला को जबरन तेजाब पिला दिया था।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि यूपी में तेजाब की बिक्री को लेकर सख्ती बरती जाए। इसके लिए अब सरकार ने अभियान चलाने की तैयारी कर ली है। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने प्रदेश के सभी डीएम को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में तेजाब के भण्डारण एवं बिक्री को नियंत्रित करने व उसके दुरुपयोग को रोकने तथा आपराधिक कृत्यों में तेजाब के इस्तेमाल को कठोरता से प्रतिबन्धित करने के लिए उत्तर प्रदेश विष (कब्जा और विक्रय) नियमावली, 2014 में निहित प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
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साथ ही सभी तेजाब विक्रेताओं को 15 दिन के अंदर तेजाब के स्टॉक रिपोर्ट सम्बन्धित एसडीएम के समक्ष अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी। एसडीएम द्वारा निरीक्षण के समय तेजाब के स्टाक की सही स्थिति न पाए जाने पर सम्पूर्ण स्टाक जब्त कर लिया जाए और विक्रेता पर अधिकतम 50 हजार रुपए तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि सम्बन्धित उप जिला मैजिस्ट्रेट या औषधि-नियंत्रण विभाग या पुलिस अधिकारी या सहायक चिकित्सा अधिकारी द्वारा समय-समय पर रजिस्टर का निरीक्षण कराया जाए। निर्देशों में कहा गया है कि नियमावली में प्राविधानों के अनुसार विष (एसिड एवं जहर) को भण्डारित करने, कब्जे में रखने एवं विक्रय के लिये लाइसेंस धारित करना साथ ही तेजाब या विष के विक्रय के सम्बन्ध में निर्धारित प्रारूप में रजिस्टर अनिवार्य रूप से रखना होगा।