दलितों के भारत बंद के बाद अब सवर्ण 10 अप्रैल को आंदोलन करने वाले हैं। बंद को लेकर अब तक ग्वालियर को छोड़कर किसी जिले से कोई संगठन सामने नहीं आया है। इसके बावजूद प्रशासन ग्वालियर, भिंड और मुरैना में सोमवार को कर्फ्यू लगाने वाला है।
रात से पूरे दिन कर्फ्यू लगाया जाएगा
इसी के चलते ग्वालियर, भिंड और मुरैना में प्रशासन ने शैक्षणिक संस्थाओं में 10 अप्रैल को अवकाश घोषित कर दिया है। भिंड में तो सोमवार रात से पूरे दिन कर्फ्यू लगाया जाएगा। इसके अलावा ग्वालियर में इंटरनेट सेवाएं रविवार रात 11 बजे से मंगलवार रात 10 बजे तक बंद रहेंगीं। वहीं, मुरैना में सोमवार दोपहर 2 बजे से इंटरनेट सेवा बंद रहेगी।
सभी को जिला मुख्यालय पर रहने के आदेश दिए हैं
आंदोलन की चेतावनी के बीच लाइसेंसी हथियार जमा कराने के लिए लोग थाने पहुंचे। मुरैना में एसपी जीआरपी रुचिवर्धन मिश्रा ने स्टाफ की छुट्टी रद्द कर सभी को जिला मुख्यालय पर रहने के आदेश दिए हैं। उधर, उच्च शिक्षा विभाग के ने 10 अप्रैल को सभी सरकारी -गैर सरकारी कॉलेजों में छुट्टी रखे जाने का आदेश जारी किया है। मालूम हो कि एससी/एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ दलित संगठनों ने देशभर में प्रदर्शन किया, धीरे-धीरे यह हिंसक होता चला गया।
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भारत बंद के आह्वान पर देश के अलग-अलग शहरों में दलित संगठन और उनके समर्थकों ने ट्रेन रोकीं और सड़कों पर जाम लगाया। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में तोड़फोड़, जाम और आगजनी की घटनाएं सामने आई, लेकिन जान-माल का काफी नुकसान भी हुआ। देशभर में भड़की हिंसा में एक बच्चे समेत 8 लोगों की जान चली गई थी।
गृह मंत्रालय ने कुछ समूहों द्वारा मंगलवार को भारत बंद करने का आह्वान किए जाने के मद्देनजर राज्यों को सुरक्षा इंतजाम चाकचौबंद करने की सलाह दी है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर, मुरैना और भिंड में हुई हिंसा के बाद, उच्च जातियों के संगठनों द्वारा 10 अप्रैल को प्रस्तावित भारत बंद और 14 अप्रैल को संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है।
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