नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर देश भर में चल रही बहस के बीच मध्य प्रदेश की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके मुताबिक राज्य के सभी शासकीय विद्यालयों में हर शनिवार को संविधान की उद्देशिका का वाचन किया जाएगा।
भोपाल, 23 January (IANS)। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर देश भर में चल रही बहस के बीच मध्य प्रदेश की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके मुताबिक राज्य के सभी शासकीय विद्यालयों में हर शनिवार को संविधान की उद्देशिका का वाचन किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जारी
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से बुधवार को जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में छात्रों को प्रत्येक शनिवार को संविधान की उद्देशिका का वाचन कराया जाएगा। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में प्रधानाध्यापक व शिक्षक प्रार्थना के बाद तथा हाईस्कूल और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में प्राचार्य बाल-सभा के दौरान छात्रों को संविधान की उद्देशिका का वाचन कराएंगे।
राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने यह आदेश ऐसे समय जारी किया है जब पूरे देश में सीएए को लेकर बहस छिड़ी हुई है और जगह-जगह आंदोलनों का दौर जारी है।
महाराष्ट्र में प्रार्थना के बाद संविधान की प्रस्तावना पढ़ना अनिवार्य
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना के बाद संविधान की प्रस्तावना पढ़ना अनिवार्य कर दिया है. सरकार का यह आदेश 26 जनवरी से लागू होगा. किसी भी देश की आत्मा उसके संविधान में निहित होती है इसलिए बहुत जरूरी होता है कि उस देश का प्रत्येक नागरिक उसे जाने और आत्मसात करे. देर से ही सही महाराष्ट्र सरकार ने अब राज्य के सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में प्रार्थना के बाद संविधान की प्रस्तावना पढ़ना अनिवार्य कर दिया है.
महाराष्ट्र में वैसे तो साल 2013 से ही पाठ्यपुस्तकों में संविधान की प्रस्तावना को जोड़ दिया गया था. बहुत से स्कूलों में उसका पठन भी किया जाता रहा है. मुंबई के सांताक्रुज का रामेश्वर विद्यालय ऐसा ही स्कूल है जहां के बच्चे रोजाना संविधान की प्रस्तावना का पाठ करते हैं. अब इसे अनिवार्य बनाए जाने से विद्यार्थी और शिक्षक सभी खुश हैं.