भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और केंद्र सरकार का कर्ज घटकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 48.7 प्रतिशत पर आ गया है। यह मार्च, 2014 में 52.2 प्रतिशत था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए कहा कि 2014-19 के दौरान औसत वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत से अधिक रही। इस दौरान औसत मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत रही।
सीतारमण ने अपने बजट भाषण कई कल्याण योजनाओं मसलन सस्ता घर, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और आयुष्मान भारत का जिक्र किया।
निर्मला सीतारमण की कही मुख्य बातें-
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए लगभग 9500 करोड़ रुपये का आवंटन।
अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए लगभग 85,000 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
अनुसूचित जाति के विकास और कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए 53,700 करोड़ का प्रावधान।
वर्ष 2020-21 के लिए पोषण संबंधी कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।
महिला विशिष्ट कार्यक्रमों के लिए 28,600 करोड़ रुपये का प्रावधान।
राष्ट्रीय गैस ग्रिड को मौजुदा 16,200 किमी से बढ़ाकर 27,000 किमी तक पहुंचाने का प्रस्ताव।
2020-21 में विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को लगभग 22,000 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव।
उद्योग और वाणिज्य के विकास और संवर्धन के लिए 27,300 करोड़ का प्रस्ताव।
27,000 किमी लंबाई की रेल लाइनों के विद्युतीकरण करने का लक्ष्य।
मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सेमी कंडक्टर पैकेजिंग के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना।
2020-21 में शिक्षा के क्षेत्र में लगभग 99,300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव, कौशल विकास के लिए 3000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।
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