विश्व में 2026 तक सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक होगा भारत
भारत आगामी दशक में दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश(milk producing country) बन जाएगा। इस सदी की पहली तिमाही के दौरान ही देश का दुग्ध उत्पादन तीनगुना हो चुका है। खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) और आर्थिक सहयोग संगठन (ओईसीडी) ने यह खुलासा किया है।
इस सप्ताह जारी ओईसीडी-एफएओ कृषि परिदृश्य 2017-2026 की रपट के अनुसार, भारत का दूध उत्पादन 2016 में 16.038 करोड़ टन था, जिसके 2026 तक बढ़कर 22.778 करोड़ टन होने की संभावना है।
दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बनने के अनुमान के साथ-साथ भारत 2026 तक विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बन जाएगा। संयुक्त राष्ट्र और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन की एक रपट में यह बतायी गई है। ओईसीडी-एफएओ एग्रीकल्चरल आउटलुक 2017-2026 में कहा गया है कि अगले एक दशक में विश्व की आबादी 7.3 अरब से बढ़कर 8.2 अरब से ज्यादा हो जाएगी।
आबादी का कुल 56 प्रतिशत हिस्सा भारत और उप-सहारा अफ्रीकी इलाकों में होगा। आबादी बढ़ने की वजह से यह क्षेत्र दुनिया में सबसे ज्यादा मांग पैदा करने वाले स्थान होंगे। भारत की जनसंख्या 1.3 अरब से बढ़कर 1.5 अरब हो जाएगी और 2026 तक भारत के चीन को पछाड़कर दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाने का अनुमान है।
रपट के अनुसार, इस दशक के दौरान गायों की संख्या 12.25 करोड़ से बढ़कर 22.778 करोड़ होने की संभावना है। रपट के अनुसार, 2026 में भारत का दुग्ध उत्पादन दूसरे सबसे बड़े उत्पादक, यूरोपीय संघ से एक-तिहाई अधिक होगा।
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रपट के अनुसार, 2016 में ताजा दुग्ध उत्पादों की प्रति व्यक्ति वार्षिक खपत करीब 80.74 किलोग्राम थी, जो 2026 तक बढ़कर 106.94 किलोग्राम होने की संभावना है।
प्रति व्यक्ति प्रतिदिन उपलब्ध कुल कैलोरी के 2026 तक बढ़कर 2,730 किलो कैलोरी होने की संभावना है। पिछले साल यह 2,442 किलो कैलोरी थी।
साथ ही रपट में यह भी कहा गया है कि गेंहू का उत्पादन जो पिछले साल 9.229 करोड़ टन था, वह 2026 में बढ़कर 10.683 करोड़ टन हो जाएगा। वहीं कृषि क्षेत्र 2026 में 3.19 करोड़ हेक्टेयर हो जाएगा। पिछले साल यह 2.9 करोड़ हेक्टेयर था।
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