कहीं आप भी तो नहीं हो रहे हैं Gaslighting के शिकार, ऐसे करें बचाव ?

जानलेवा हो सकता है Gaslighting, करें पहचान

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Gaslighting: बड़े और बुजुर्गों से आप ने यह सुना होगा की एक समय के बाद अपने निर्णय लेना चाहिए, यहां सफलता की किताबें भी हमें यही बताती है कि अपने फैसले खुद ही लें. लेकिन कई बार कई लोग सामने वालों की बातों से इतना ज्यादा प्रभावित हो जाते हैं कि वे अपनी समझ का इस्तेमाल करना ही छोड़ देते हैं. उन्हीं के नजरिए को अपनाते हैं और वैसे ही सोचने लग जाते हैं. इस आदत को ही मनोविज्ञान की भाषा में गैसलाइटिंग कहा गया है. यह बात भले ही आपको सामान्य सी लगती हो लेकिन यह बात काफी गंभीर होती है. आइए जानते हैं कि हम इसकी कैसे पहचान कर सकते हैं और कैसे इससे बच सकते हैं.

गैसलाइटिंग को लेकर क्या कहता है मनोविज्ञान?

गैसलाइटिंग को लेकर मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि, यह किसी की सोच को हैक करने की तरह होता है. इसके माध्यम से कोई दूसरा व्यक्ति किसी दूसरे की विचारधारा का दुरुपयोग भी कर सकता है. इस स्थिति से प्रभावित व्यक्ति विवेकहीन और तर्कहीन हो जाता है. साथ ही वह दूसरों की राय के हिसाब से ही अपनी राय बनाने लग जाता है. इस वजह से गैसलाइटिंग से प्रभावित व्यक्ति धीरे-धीरे डिप्रेशन का शिकार होने लगता है.

गैसलाइटिंग के कारण

शोध के अनुसार गैस लाइटिंग के कई सारे कारण हो सकते हैं जैसे आपके पार्टनर, दोस्त, रिश्तेदार या फिर आपके ऑफिस के सहकर्मी या बॉस. यानी आपकी लाइफ का कोई भी सदस्य आपको बहुत ज्यादा प्रभावित कर सकता है, वो आपके लिए गैसलाइटिंग बनकर काम कर सकता है. गैसलाइटिंग व्यक्ति की मानसिक स्थित पर बुरा असर डालती है. इससे आपका आत्मसम्मान कम होता है और आपको अपने में ही कमियां महसूस होने लगती है. वह कोई बीमारी या आपके जीवन की बुरी यादें हो सकती है जिसकी वजह से व्यक्ति निराश रहने लगता है.

गैसलाइटिंग से कैसे कर सकते हैं बचाव

समय पर गैसलाइटिंग का पता लगाना जरूरी होता है, वरना यह भयंकर डिप्रेशन का रूप ले सकती है. अगर कोई आप पर लगातार अपने विचारों को मानने का दबाव डालता है तो आप भी इसका शिकार हो सकते हैं. लेकिन इससे बचा जा सकता है. गैसलाइटिंग से बचाव के लिए विभिन्न तरीके होते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कैसे करें गैसलाइटिंग से बचाव…

शांत रहे

यदि आपको एहसास है कि आप गैसलाइटिंग से पीड़ित हैं, तो चिंता मत करिए. ज़ाहिर है आपको ऐसी स्थिति में गुस्सा, चिंता या अवसाद होगा, लेकिन आपको शांत रहने की कोशिश करनी चाहिए. जब कोई आपको अपनी बात मानने के लिए कहता है तो तुरंत प्रतिक्रिया न देकर शांत रहने की कोशिश करें.

समस्या को लिखें

लिखने से कई समस्याएं खुद-ब-खुद हल हो जाती हैं. यही कारण है कि जब कोई आपसे अपनी सोच बदलने को कहे तो आप उन बातों, घटनाओं और परिस्थितियों को नोट कर लें. यह आपको बता देगा कि आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है.

खुलकर बोले

गैसलाइटिंग एक मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है. अगर कोई आपको कोई गैसलाइट करने की कोशिश कर रहा है तो डरने की बजाय खुलकर बताओ कि आप उनकी चालों को समझ रहे हैं. उन्हें स्पष्ट रूप से बताओ कि उनकी गैसलाइटिंग की कोशिशें आप पर कोई असर नहीं करेंगी.

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खुद पर करें भरोसा

गैसलाइटिंग आपके आत्मविश्वास को कम कर देती है. लेकिन एक बार आपने इससे छुटकारा पाने का निर्णय ले लिया तो आपको इससे उबरना संभव है. खुद पर विश्वास रखना महत्वपूर्ण है. हो सके तो मेडिटेशन करें और खुश रहने का प्रयास करें.

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