शौचालय नहीं तो बंदूक का लाइसेंस, पासपोर्ट नहीं!

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नीमच।  राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान में हर वर्ग से जुड़े लोग अपनी हिस्सेदारी निभाने को आतुर हैं। मध्य प्रदेश के नीमच जिले की पुलिस ने तय किया है कि बंदूक के लाइसेंस और पासपोर्ट उन्हीं लोगों के बनाए जाएंगे, जिनके घरों में शौचालय होंगे।

देशव्यापी स्वच्छता अभियान चल रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर घर में शौचालय की मुहिम जारी है। इसके लिए सरकारी से लेकर निजी स्तर तक पर खुले में शौच से मुक्ति के लिए कोशिशों का दौर जारी है।

इसी क्रम में नीमच की पुलिस ने उन्हीं लोगों के बंदूक के लाइसेंस और पासपोर्ट बनाने का फैसला लिया है, जिनके घर में शौचालय होंगे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश सगर के मुताबिक  पुलिस के पास ऐसे स्रोत कम होते हैं, जिसके जरिए समाज के अच्छे लोगों से संपर्क का मौका मिले।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान में हिस्सेदारी निभाने के लिए कार्य योजना बनाई है। इसके तहत बंदूक के लाइसेंस और पासपोर्ट उन्हीं लोगों के बनाए जाएंगे जो घर में शौचालय होने के प्रमाण देंगे।

ज्ञात हो कि बंदूक के लाइसेंस और पासपोर्ट के लिए पुलिस का वेरीफिकेशन आवश्यक होता है, उसके बाद ही लाइसेंस और पासपोर्ट बनता है। इसी को ध्यान में रखकर पुलिस ने शौचालय की शर्त को अनिवार्य कर दिया है।

सगर ने बताया कि बंदूक का लाइसेंस और पासपोर्ट समाज के प्रमुख व प्रतिष्ठित वर्ग से जुड़े लोग बनवाते हैं, लिहाजा ऐसे लोगों को शौचालय बनवाने की बाध्यता की जाएगी तो समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। इसी बात को ध्यान में रखकर जिले में स्वच्छता के अभियान को कारगर बनाने के लिए पुलिस ने इस तरह की शर्त तय की है।

उन्होंने आगे कहा कि स्वच्छता देश और समाज से जुड़ा हुआ है, लिहाजा पुलिस की भी जिम्मेदारी है कि वह इस अभियान में अपनी भूमिका निभाए।

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