प्रख्यात साहित्यकार मनु शर्मा के पौत्र-पौत्री ने किया वादा, इन बच्चों की पढ़ाई में नहीं आएगी कोई बाधा

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वाराणसी स्थित डीएवी कॉलेज के लिए गुरुवार का दिन बड़ा खास था। विद्यालय के बच्चों ने अपने ही विद्यालय की एक अध्यापक पद्मश्री पंडित हनुमान प्रसाद शर्मा उर्फ मनु शर्मा का जन्मदिन मनाया। दिवंगत पद्मश्री मनु शर्मा सिर्फ अध्यापक ही नहीं बल्कि प्रख्यात साहित्यकार और जाने-माने लेखक भी रहे।

कॉलेज के मैदान में मनु शर्मा का जन्मदिन मनाने जुटे बच्चो के लिये ये दिन इसलिये भी खास रहा क्योंकि मनु शर्मा के पौत्र पार्थ शर्मा और पौत्री ईशानी शर्मा ने उनके पुराने दिनों की कविता “घर में मिट्टी का तेल नहीं है। पढ़ना भी अब खेल नहीं है। पर इम्तिहान है, खूब पढ़ो, मन को समझाकर पढ़ो। लालटेन बुझाकर पढ़ो।” को याद किया।

पौत्र-पौत्री ने उठाई ये जिम्मेदारी-

इसके अलावा मनु शर्मा के पौत्र पार्थ शर्मा और पौत्री ईशानी शर्मा ने विद्यालय के 3 गरीब छात्रों को 12वीं क्लास तक की शिक्षा निशुल्क उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही उनकी किताब, कॉपी,यूनिफार्म और कोचिंग का खर्चा भी उठाने का संकल्प लिया। ये छात्रवृति ऐसे किसी भी छात्र को मिल सकती है जो अत्यंत मेधावी हो और संसाधन की कमी से जूझ रहा हो।

इसके लिए जरूरी आवेदन कॉलेज कमेटी को हर वर्ष उस समय दिए जा सकेंगे जब इसका एक लाभार्थी 12वीं तक की शिक्षा पूर्ण करने को हो और उसका स्थान रिक्त हो रहा हो। हर ऐसे वर्ष, आगामी वर्ष के लिए दिसंबर-जनवरी तक ऐसे आवेदनों की सूची बनेगी। इसके लाभार्थी इसी सूची में से चिन्हित किए जाएंगे और कक्षा 6 से 12वीं कक्षा तक की उनकी शिक्षा पर खर्च की ज़िम्मेदारी उनके पौत्र और पौत्री उठाएंगे। ये निर्णय अकादमिक वर्ष के शुरू में ले लिया जाएगा ताकि छात्रों का नुकसान ना हो। पर इसका सर्टिफ़िकेट हर साल मनु शर्मा जी के जन्मदिन 28 अक्टूबर को वितरित होंगे।

हेमंत शर्मा ने पिता को किया याद-

manu sharma

इस खास मौके पर उनके पुत्र और जाने-माने पत्रकार हेमंत शर्मा ने कहा कि उनके पुण्यों के प्रताप से मदद की इस पहल से गरीब बच्चों मेधा को फलता फूलता देख, उनकी यशकाया अत्यंत प्रसन्न होगी।

इस मौके पर बच्चों के सामने कॉलेज के प्रिंसिपल दयाशंकर मिश्र ने कहा कि पद्मश्री, प्रख्यात साहित्यकार और चिंतक पं. मनु शर्मा ने जीवन में इतना रचा, इतना दिया, इतना अर्जित किया कि किसी का भी एक जीवन इसके लिए कम पड़ जाए।

कॉलेज के प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष हरिवंश सिंह ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बेहद गरीबी में जिए मनु शर्मा ने अपनी पढ़ाई कभी नहीं छोड़ी इसके लिए उन्होंने फुटपाथ पर फेरी भी लगाई, गमछा भी बेचा और इस विद्यालय में चपरासी बने लाइब्रेरियन बने और फिर अपनी मेधा से हिंदी के अध्यापक बने।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद-

उनके जीवन के इस संघर्ष को बच्चों के बीच याद करने में कॉलेज के अध्यापक नरेंद्र कुमार सिंह, बचनू राम, जयवंत राय, विवेक सिंह, शिव प्रकाश वर्मा, ध्रुव कुमार शर्मा, राजीव दुबे, प्रमोद कुमार यादव मनोज कुमार अनिल कुमार संगीता लिंक नीतू राय मोहम्मद शाहिद के साथ प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष हरिवंश सिंह आदि मौजूद रहे।

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