गैंगरेप मामले में MP-MLA कोर्ट ने सुनाया फैसला, अखिलेश सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति दोषी करार

चित्रकूट की महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया।

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चित्रकूट की महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में MP-MLA कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया। जिसमें उत्तर प्रदेश की सपा सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति, आशीष शुक्ला और अशोक तिवारी को गैंगरेप और पॉक्सो में दोषी पाया गया। जबकि रूपेश्वर, विकास वर्मा, अमरेंद्र सिंह पिंटू और चंद्रपाल बरी किए गए। वहीं, 12 नवंबर को दोषियों को सज़ा सुनाई जाएगी।

पीड़िता को दिया था लालच:

वहीं 8 नवंबर को सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एसएन राय ने अभियोजन की तरफ से प्रार्थना पत्र देकर कोर्ट से अनुरोध किया था कि गवाह अंशु गौड़ ने अपने बयान में साफ कहा है कि पीड़िता को कई प्लाटों की रजिस्ट्री और भारी रकम का लालच देकर कोर्ट में सही गवाही न देने के लिए राजी किया गया था। अभियोजन ने रजिस्ट्री को साबित करने के लिए रजिस्ट्रार लखनऊ और पीड़िता की ओर से दिल्ली के कोर्ट को दिए गए कलम बंद बयान को तलब करने का आदेश देने की भी मांग की गई थी।

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ था मुकदमा:

बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर 18 फरवरी 2017 को गायत्री प्रसाद प्रजापति, अमरेंद्र सिंह, विकास वर्मा,  रूपेश्वर, चंद्रपाल व अशोक तिवारी के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में सामूहिक दुष्कर्म, जानमाल की धमकी व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।

 

 

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