केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने नवाजुद्दीन सिद्दकी की आगामी फिल्म ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ में निर्माताओं से 48 जगह कैंची चलाने की मांग की है, जिस पर फिल्म निर्माता किरण श्रॉफ ने कहा कि सीबीएफसी ने तर्क दिया है कि यह काट-छांट जरूरी है कि क्योंकि ‘ए’ प्रमाणपत्र वाली एडल्ट फिल्में बच्चे भी देखते हैं। किरण फिल्म के कलाकारों व निर्देशक के साथ बुधवार को मीडिया के समक्ष मौजूद थीं।
आपत्तियों की एक बाढ़ की उम्मीद कर रहे …
उन्होंने कहा, “वह (सीबीएफसी) सदस्य ने एक घंटे तक चर्चा की। हम बहुत बेचैन थे। हम आपत्तियों की एक बाढ़ की उम्मीद कर रहे थे। हम ए प्रमाण पत्र मिलने से दिक्कत नहीं हैं, लेकिन जब उन्होंने 48 कट्स की बात की तो हमने पूछा कि जब हमें ए (प्रमाण पत्र) मिल रहा है तो इतनी काट-छांट क्यूं।”
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किरण ने यह भी कहा कि सीबीएफसी सदस्यों ने उन्हें अपमानित किया।
किरण ने कहा, “सीबीएफसी के सदस्यों ने उनसे पूछा कि आप यह बता सकती हैं कि फिल्म में ऐसे आपत्तिजनक शब्द और ²श्य क्यों हैं। एक महिला ने मुझसे पूछा, आप एक महिला होने के बावजूद इस तरह की फिल्म कैसे बना सकती हैं? एक सज्जन ने कहा, यह एक महिला कैसे हो सकती है चूंकि उन्होंने पैंट और शर्ट पहनी है। मैं दंग रह गई।”
48 कैची चलने के बाल फिल्म में बचेगा ही क्या
फिल्म के बारे में किरण ने कहा, “हम सीधे फिल्म सर्टिफिकेशन एपेलेट ट्रिब्यूनल के पास जाने का विचार कर रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि वह इस फिल्म को उसी तरह देखेंगे जिस तरह हमने फिल्म बनाई है।” नवाजुद्दीन ने कहा कि 48 कैची चलने के बाल फिल्म में बचेगा ही क्या।
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