ऐसी आशंका जताई जा रही है कि अब ब्लड बैंक में ब्लड कि कमी हो सकती है. वजह है कोरोना वैक्सीन. कोरोना टीका लगवाने के बाद 90 दिन तक रक्तदान नहीं किया जा सकता है. पूरे देश में 18 आयुवर्ग के लोगों को भी टीका लगाया जा रहा है. तो ऐसी आशंका जताई जा रही है कि आने वाले 90 दिनों तक ब्लड कि कमी हो सकती है.
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कोविड वैक्सीनेशन की पहली और दूसरी डोज के बीच में 4 से 8 सप्ताह का अंतराल होना जरूरी है. कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी डोज तो 6 से 8 सप्ताह में लगाई जा रही है. दूसरी डोज लगने के बाद 4 सप्ताह बाद ही कोई व्यक्ति रक्तदान कर सकता है. इस तरह किसी ने अगर कोरोना का पहला टीका 4 मई को लगवाया तो कम से कम 90 दिन बाद यानि 4 अगस्त के बाद ही वह ब्लड डोनेट कर सकता है. जिस तेजी से कोविड वैक्सीनेशन हो रहा है और रोजाना 5 से 8 हजार लोग टीका लगवा रहे हैं, मई माह में वैक्सीन की पहली डोज लगवाने वाले युवाओं की संख्या 1 लाख के करीब होगी. यही आयुवर्ग है जो 80 प्रतिशत रक्तदान करता है. जाहिर सी बात है कि कोविड वैक्सीनेशन शुरू होने का सीधा असर ब्लड डोनेशन पर पड़ने जा रहा है.
कई संस्थाओं से ब्लड डोनेशन की अपील
ब्लड बैंक संचालकों ने आने वाले दिनों में खून की कमी होने का खतरा भांप लिया है. यही वजह है कि कई ब्लड बैंक से अपील भी जारी की जा रही है कि पहले ब्लड डोनेशन करें फिर कोविड वैक्सीनेशन कराएं. कोविड का टीका लगवाने के बाद कम से कम 90 दिन तक ब्लड डोनेट नहीं कर पाएंगे.
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5 यूनिट निगेटिव ब्लड
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक यूनिट में महज 5 यूनिट निगेटिव ब्लड बचा है। ब्लड बैंक में कुल 64 यूनिट ब्लड है। आम दिनों में यहां 170 यूनिट खून रहता है लेकिन इस समय रक्तदान कम होने की वजह से खून की कमी है। आने वाले दिनों में निगेटिव ब्लड ग्रुप की कमी से संकट पैदा हो सकता है।
वैक्सीन की दूसरी डोज लगने के कम से कम 28 दिन तक खून नहीं दे सकते। ऐसे में जो भी लोग स्वैच्छिक रक्तदान करते हैं, वैक्सीनेशन से पहले ब्लड डोनेशन जरूर करें। वैक्सीन से खुद को सुरक्षित करें और रक्तदान कर दूसरों की जान बचाएं।
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