बनारस में मीडिया के सवालों से क्यों भाग रहे हैं बीजेपी के नेता?

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धर्मनागरी काशी में कोरोना से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. संक्रमण की चेन को तोड़ने में जिला प्रशासन पूरी तरह नाकामयाब साबित हुई है. यही नहीं मुश्किल की इस घड़ी में बीजेपी के जन प्रतिनिधियों ने भी निराश किया है. आलम ये है कि अब नेताओं और जन प्रतिनिधियों को लोगों के सवालों का जवाब देने में पसीने छूट रहे हैं. रविवार को प्रधानमंत्री के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद कमीशनरी सभागार से बाहर निकले बीजेपी के मंत्री और विधायकों से मीडिया ने सवाल करने शुरू किये, एक एक कर सभी भाग निकलें.

बीजेपी नेता मीटिंग से बहार आते हुए

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने साधा निशाना

वाराणसी में बीजेपी का बोलबाला है. नगर नगम से लेकर लोकसभा और विधानसभा की अधिकांश सीटों पर पार्टी का कब्ज़ा है. लिहाजा लोगों की आकांक्षाएं भी बीजेपी नेताओं से अधिक है. लेकिन कोरोना काल में बीजेपी के जन प्रतिनिधियों ने बनारस की जनता को निराश किया है. सोशल मीडिया पर बजी बीजेपी के मंत्रियों और विधायकों की कार्यशैली को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं. यहाँ तक की कई लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के विधायकों के नाम खुला पत्र लिखा और मदद की गुहार लगाई. इन लोगों में कांग्रेस के कद्दावर नेता अजय राय भी शामिल रहे हैं.

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मंत्रियों की बोलती हुई बंद

इस बीच रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के हालात पर चर्चा करने के लिए बनारस के सभी मंत्रियों और विधायकों को बुलाया. समीक्षा बैठक के बाद ज़ब जन प्रतिनिधि कमीशनरी सभागार से बाहर निकलेंगे तो मीडिया कर्मियों ने बाइट लेने के लिए उन्हें घेर लिया. हैरानी इस बात की है कि मीडिया के सवालों पर लगभग सभी नेताओं ने चुप्पी साध ली. कोरोना और उससे लोगों को होने वाली परेशानी से जुड़ी किसी बात का जवाब नहीं दिया. कैमरे से बचते हुए सभी एक एककर अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गए. अब सवाल ये है कि क्या अपनी नाकामयाबियों को छुपाने के लिए बीजेपी नेता चुप्पी साधे हैं ?

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काशी में जारी है कोरोना का ‘तांडव’

वाराणसी में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है. प्रतिदिन कोरोना संक्रमितों कि संख्या बढ़ती जा रही है. अस्पतालों में पैर रखने की जगह नहीं है. बेड और ऑक्सीजन की किल्लत अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है. श्मशान घाटों पर शवों की लाइन लगी है. शहर में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 15 हजार के पार हो चुकी है जबकि 427 लोगों की जान जा चुकी है. ऐसा लग रहा है जैसे पूरा शहर भगवान भरोसे है. बिगड़ते हालात पर अब लोगों का गुस्सा फूटने लगा है.

 

 

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