योगी न होते तो वाराणसी से हार जाते मोदी – अफ़जाल अंसारी

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गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने सीएम योगी आदित्‍यनाथ को लेकर बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने सीएम योगी की तारीफ करते हुए दावा किया है कि उनकी वजह से ही उत्‍तर प्रदेश में 30 सीटें भाजपा हासिल कर पाई है. वहीं उन्‍होंने यहां तक कह दिया कि वो अगर बनारस में मजबूती से न लगे होते तो वहां से प्रधानमंत्री मोदी हार गए होते.

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पीएम मोदी का जादू हो गया है खत्म

गाजीपुर से सांसद चुने जाने के बाद अफजाल अंसारी ने मीडिया से बातचीत की. वहीं लोकसभा चुनाव नतीजों से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने भाजपा को संभाल दिया है. वहीं दावा किया कि पीएम मोदी का जादू खत्म हो चुका है. उन्होंने मीडिया से सवाल किया कि आप बताओ मोदी जहां से चुनाव लड़े, बगल की सीट चंदौली तक नहीं बचा पाए. गाजीपुर भी नहीं बचा. मछली शहर नहीं बचा. बनारस से सटे तीनों संसदीय क्षेत्र में हार गए. उन्होंने कहा कि मीडिया में चलता था कि मोदी जब बनारस से लड़ते हैं तो उनकी हवा पूरे पूर्वांचल में, बिहार और बंगाल तक चली जाती है.

योगी के प्रयासों के कारण जीत पाएं काशी की सीट

उन्होंने कहा कि अंतिम चरण में योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से बनारस में जीत हासिल हुई है. योगी ने अंतिम चरण में यहां आकर एकदम खूंटा गाड़कर इस सीट को बचाने का प्रयास किया और अपने लोगों को वापस से सक्रिय किया कि किसी भी सूरत से पीएम मोदी को जीत मिल सके. आगे दावा किया कि अगर योगी जी इतना मजबूती से प्रचार में न जुटे होते तो मोदी पक्‍का हार गए होते.
यूपी में मोदी की हार हुई है, लेकिन योगी सफल हैं? के सवाल पर उन्होंने उत्तर दिया कि उनका मानना है कि यूपी में भाजपा को जो 33 सीट मिली हैं, उसमें 30 सीटें योगी आदित्यनाथ के चेहरे, प्रयास और मेहनत पर मिली है. बाकी प्रदेश में केवल 3 सीटों पर भाजपा के समीकरण और मोदी जी के चेहरे के कारण जीत मिली हैं.

जा सकती है सांसदी

बाहुबली मुख्तार अंसारी के बड़े भाई अफजाल अंसारी के खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें गैंगस्टर ऐक्ट के एक मामले में उन्हें चार साल की सजा हो चुकी है. बता दें कि उनकी सदस्यता भी चली गई थी, हालांकि सुप्रीम कोर्ट में अपील के बाद राहत मिलने से उनकी सदस्यता बच गई. उनका मामला हाई कोर्ट में लंबित है. अगर सजा का फैसला बरकरार रहा तो उनकी सदस्यता जानी तय है. वहीं चुनाव के दौरान इस आशंका के चलते ही उन्होंने अपनी बेटी
को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतारने का फैसला लिया था. इसके अलावा भी अफजाल पर 2 केस में आरोप तय हो चुके हैं.

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