‘चंडीगढ़ मेयर चुनाव में धांधली…रिटर्निंग अफसर पर कार्रवाई’

पढ़ें, कैसे SC में पलट गई बाजी और AAP के कुलदीप बने मेयर

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चंडीगढ़ में हुए मेयर के चुनाव में हुई धांधली को लेकर मचे सियासी घमासान का अब अंत हो चुका है. सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद AAP उम्मीवादवार कुलदीप कुमार को विजयी घोषित कर दिया गया है. इसके बाद उन्होंने मेयर पद की शपथ ली. करीब एक हफ्ते तक चले इस उथल-पुथल पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी भी की थी. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने यहां तक बोल दिया था कि रिटर्निंग अफसर ने लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया है. सुप्रीम कोर्ट यहां बैठकर ये सब नहीं देख सकता है. आम आदमी पार्टी का मेयर बनने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है. वहीं रिटर्निंग अफसर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं.

बता दें कि रिटर्निंग अफसर ने बैलट पेपर पर क्रॉस करके आप पार्टी के 8 पार्षदों के वोट को रद्द कर दिया था. ये पूरी घटना सीसीटीवी में लगे कैमरे में कैद हो गई थी. इसके बाद आम आदमी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया और मामले को लेकर मेयर पद के उम्मीदवार कुलदीप कुमार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे.

सीजेआई ने दी सख्त चेतावनी

मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार (19 फरवरी) को सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा था कि खारिज किए गए 8 वोट आप उम्मीदवार कुलदीप कुमार के पक्ष में थे, जिसे रिटर्निंग अधिकारी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर उन्हें खारिज कर दिया था. सीजेआई ने इस कुत्सित कार्य के लिए पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह को सख्त चेतावनी देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही थी.

सोमवार यानी कि 19 फरवरी को सुनवाई के दौरान चुनाव प्रक्रिया पर सीजेआई चंद्रचूड़ ने प्रशासन और रिटर्निंग अफसर अनिल मसीह को जमकर फटकार लगाई थी. इस दौरान सीजेआई ने कहा था कि ये लोकतंत्र का मजाक है. इस हरकत से साफ दिखाई दे रहा है कि लोकतंत्र की हत्या हुई है.
ये अफसर क्या कर रहा है? CJI ने गुस्से में कहा था कि हम ऐसा बिल्कुल भी नहीं होने देंगे. सुप्रीम कोर्ट आंखें बंद करके नहीं बैठा रहेगा.

रिटर्निंग अफसर ने कबूल किया जुर्म

कोर्ट में पेश हुए रिटर्निंग अफसर अनिल मसीह से सीजेआई ने कई सवाल पूछे थे. चीफ जस्टिस ने अनिल मसीह से पूछा कि आप कैमरे की तरफ क्यों देख रहे थे? इसपर अनिल मसीह ने जवाब दिया कि वहां कैमरे की ओर बहुत शोर था, इसलिए देख रहा था. कोर्ट ने आगे सवाल किया कि आपने कुछ बैलट पेपर पर क्रॉस का मार्क लगाया था या नहीं? जिसपर मसीह ने कहा कि हां, मैंने 8 बैलट पेपर पर क्रॉस लगाया था.

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की पहली सुनवाई के दौरान नए मेयर के कामकाज पर रोक लगाने के साथ ही चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए दस्तावेजों को भी सील करने का आदेश दिया था. मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ने रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह को कड़ी फटकार लगाई थी. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने यहां तक कहा था कि रिटर्निंग अफसर पर इस कृत्य के लिए मुकदमा चलाया जाना चाहिए. क्योंकि इन्होंने लोकतंत्र की हत्या की है.

भाजपा का सदस्य है पीठासीन अधिकारी

चुनाव में धांधली करवाने पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह चंडीगढ़ बीजेपी के प्रमुख सदस्य रहे हैं. इस विवाद के बीच उन्हें बीजेपी ने पद से हटाए जाने की बात कही थी. अनिल मसीह साल 2018 से चंडीगढ़ जिले के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त थे. इसके अलावा अनिल मसीह नगर निगम के सदस्य भी हैं. हालांकि मसीह उन 9 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं है. अनिल मसीह के अलावा अन्य 8 लोगों को 2022 में नगर निगम में तैनात किया गया था.

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इससे पहले भी अनिल मसीह विवादों में रह चुके हैं. 2018 में चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ने एक समिति की बैठक में उन्होंने कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था. जिसके बाद उन्हें चर्च की गतिविधियों में शामिल होने पर रोक लगा दी गई थी.

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