वाराणसीः डेंगू की रोकथाम में जुटा स्वास्थ्य प्रशासन, जारी की एडवाइजरी

निजी चिकित्सालयों में भर्ती मरीज के प्लेटलेट मांगपत्र में पंजीकृत चिकित्सक का नाम व हस्ताक्षर जरूरी

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वाराणसी में मच्छर जनित बीमारियों खासकर डेंगू, मलेरिया के प्रसार की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को एड्वाइजरी जारी की है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण व कार्रवाई के लिए मच्छरों के प्रजनन के संभावित स्रोतों को ख़त्म करने के लिए एंटी लार्वा छिड़काव, फोगिंग और ऑयल बॉल का उपयोग किया जा रहा है.

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि पहली जुलाई से जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है. बताया कि डेंगू मरीजों के लिए एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय कबीर चौरा, डीडीयू चिकित्सालय पाण्डेयपुर, एलबीएस चिकित्सालय रामनगर और एसवीएम चिकित्सालय भेलूपुर में 20-20 मच्छरदानी युक्त बेड रिजर्व किए गए हैं. इसके अलावा शहरी व ग्रामीण स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 10-10 बेड और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर पांच-पांच बेड आरक्षित हैं. इन चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केन्द्रों के वार्ड में डेंगू मरीज की भर्ती, डिस्चार्ज और प्लेटलेट प्रोटोकॉल आवश्यक रूप से प्रदर्शित किए जाने का निर्देश दिया गया है.

अनावश्यक प्लेटलेट की मांग और परिजनों को भयभीत न किया जाय

सीएमओ ने कहा कि डेंगू के संभावित प्रसार को देखते हुए कुछ निजी चिकित्सकों द्वारा प्लेटलेट की अनावश्यक मांग की जाती है. मरीज के परिजनों में अनावश्यक भय का वातावरण उत्पन्न किया जाता है. इस सम्बन्ध में सभी निजी चिकित्सालयों के प्रबन्धकों को निर्देशित किया गया है कि आपके द्वारा जब भी ब्लड बैंक में प्लेटलेट के लिए मांग भेजी जायेगी, तो उसके साथ मरीज की वर्तमान क्लीनिकल दशा और वर्तमान प्लेटलेट संख्या से सम्बन्धित प्रपत्र संलग्न करते हुए भेजें. प्लेटलेट की मांगपत्र पर पंजीकृत चिकित्सक का नाम एवं हस्ताक्षर अवश्य अंकित किया जाए. प्लेटलेट की मांग प्लेटलेट प्रोटोकॉल के अनुसार ही की जाय. अनावश्यक रूप से प्लेटलेट की मांग न करें.

एडवायजरी –

– डेंगू के मच्छर साफ व रुके हुए पानी में पनपते हैं. इसलिए साप्ताहिक आधार पर घरेलू जल भंडारण कंटेनरों को ढंकना, खाली करना और साफ करना चाहिए.
– घर की छत पर रखे गमलों या किसी अन्य बर्तनों, नारियल के खोल, टायरों में पानी जमा न होने देना चाहिए.
– पानी के भंडारण कंटेनरों को ढक्कन के साथ कवर किया जाना चाहिए.
– बरसात के मौसम के दौरान, सभी व्यक्ति ऐसे कपड़े पहन सकते हैं जो हाथ और पैर को कवर करते हों.
– सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल किया जा सकता है.
– मच्छरों के काटने से बचाव के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय जैसे कीटनाशक से उपचारित बेडनेट, कॉइल और वेपोराइज़र का उपयोग कर सकते हैं.
– दिन के समय में मच्छर दूर भगाने के लिए क्रीम का उपयोग किया जा सकता है.
– निरंतर वेक्टर नियंत्रण के लिए सामुदायिक भागीदारी और गतिशीलता में सुधार लाने का प्रयास होना चाहिए.

 

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