मिताली राज ने अंतररष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, सन्यास के बाद किया इमोशनल ट्वीट

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian Women Cricket Team) की पूर्व कप्तान व महिला क्रिकेट की सचिन तेंदुलकर कही जाने वाली सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी मिताली राज (Mithali Raj) ने बुधवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है. मिताली पिछले 23 साल से इंटरनेशनल क्रिकेट खेल रही थीं, अब उन्होंने 39 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (International Cricket) के सभी फॉर्मेट को अलविदा कह दिया. सन्यास लेने के बाद अब मिताली राज का विश्व कप जीतने का सपना अधूरा ही रह गया.

दाएं हाथ की बल्लेबाज मिताली राज आखिरी बार न्यूजीलैंड में खेले गए वनडे विश्व कप का हिस्सा थीं. लेकिन, उनकी कप्तानी में भारतीय टीम सेमीफाइनल से पहले ही बाहर हो गई थी. ऐसा भी कहा जा रहा था कि ये उनके कैरियर का आखिरी विश्व कप होगा. लेकिन, आज उनके सन्यास के बाद ये बात भी सच साबित हो गई. बता दें मिताली ने कुछ साल पहले टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से भी रिटायरमेंट लिया था.

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26 जून, 1999 को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वालीं मिताली राज ने मार्च, 2022 तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भाग लिया. इस दौरान मिताली ने 12 टेस्ट मैच, 232 वनडे इंटरनेशनल मैच और 89 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले. 12 टेस्ट मैचों में वे एक शतक और 4 अर्धशतकों के साथ 699 रन बनाने में सफल रहीं, जबकि वनडे क्रिकेट में उन्होंने 7 शतक और 64 अर्धशतकों के साथ 7805 रन बनाए. वहीं, टी20 क्रिकेट में 2364 रन उन्होंने 17 अर्धशतकों के दम पर बनाए.

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सन्यास का ऐलान करते हुए मिताली राज ने एक इमोशनल पोस्ट अपने ट्विटर पर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा ‘मैं इंडिया की नीली जर्सी पहनने की यात्रा पर एक छोटी लड़की के रूप में निकली, क्योंकि आपके देश का प्रतिनिधित्व करना सर्वोच्च सम्मान है. यात्रा ऊंचाइयों और कुछ चढ़ावों से भरी थी. प्रत्येक घटना ने मुझे कुछ अनोखा सिखाया और पिछले 23 वर्ष मेरे जीवन के सबसे अधिक पूर्ण, चुनौतीपूर्ण और आनंददायक रहे हैं. ऐसे में सभी यात्राओं की तरह, इसे भी समाप्त होना चाहिए. आज वह दिन है जब मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले रही हूं. जब भी मैंने मैदान पर कदम रखा, मैंने भारत को जीतने में मदद करने के इरादे से अपना सर्वश्रेष्ठ दिया. तिरंगे का प्रतिनिधित्व करने के लिए मुझे जो अवसर मिला है, मैं उसे हमेशा संजो कर रखूंगी. मुझे लगता है कि अब मेरे खेलने के करियर से पर्दा उठाने का सही समय है, क्योंकि टीम कुछ बहुत ही प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों के हाथों में है और भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल है.’

मिताली ने आगे बीसीसीआई (BCCI) और अन्य लोगों को धन्यवाद देते हुए लिखा ‘मैं बीसीसीआई और जय शाह सर (मानद सचिव, बीसीसीआई) को सभी समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं – पहले एक खिलाड़ी के रूप में और फिर भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में. इतने सालों तक टीम का नेतृत्व करना सम्मान की बात थी. इसने मुझे निश्चित रूप से एक व्यक्ति के रूप में आकार दिया और उम्मीद है कि भारतीय महिला क्रिकेट को भी आकार देने में मदद मिलेगी.’

अंत में भावुक होते हुए मिताली ने लिखा ‘यह यात्रा भले ही समाप्त हो गई हो, लेकिन एक और संकेत मिलता है, क्योंकि मुझे उस खेल में शामिल रहना अच्छा लगेगा जो मुझे पसंद है और भारत और दुनिया भर में महिला क्रिकेट के विकास में योगदान देता है. मेरे सभी प्रशंसकों के लिए विशेष उल्लेख, आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद.’

बतौर कप्तान रिकॉर्ड-

मिताली राज (भारत)- कुल मैच 155, जीत 89, हार 63
सी. एडवर्ड्स (इंग्लैंड)- कुल मैच 117, जीत 72, हार 38
बी. क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया)- कुल मैच 101, जीत 83, हार 17

वनडे में सबसे ज्यादा रन-

मिताली राज (भारत)- 232 मैच, 7805 रन, 50.68 औसत
सी. एडवर्ड्स (इंग्लैंड)- 191 मैच, 5992 रन, 38.16 औसत
सारा टेलर (वेस्टइंडीज़)- 145 मैच, 5298 रन, 44.15 औसत

बता दें बतौर कप्तान मिताली के नाम पर सबसे ज्यादा जीतने का रिकॉर्ड है. उन्होंने 155 वनडे मैच में कप्तानी की, जिसमें 89 में जीत और 63 में हार मिली है. मिताली राज दुनिया की इकलौती ऐसी कप्तान हैं, जिन्होंने 150 से अधिक वनडे मैच में कप्तानी की है.

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