कार्ति चिदंबरम को 24 मार्च तक के लिए भेजा गया जेल

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वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिंदबरम को कथित रिश्वत (bribery) मामले के मामले में रिमांड के बाद जब सीबीआई ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को 24 मार्च तक जेल भेज दिया है। वहीं 15 मार्च को कार्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।

जिला प्रशासन को मिले आदेश  

इस मामले में कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वह कानून के मुताबिक कार्ति को सुरक्षा दें। इतना ही नहीं अदालत ने जेल के डॉक्‍टर के अनुसार दवाइयों मुहैया कराने का भी निर्देश दिया है। इस मामले में भास्‍कर रमन ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। वहीं सीबीआई ने कोर्ट में याचिका दाखिल करके कार्ति और भास्‍कर रमन को आमने-सामने बैठकर पूछताछ करवाने की मांग की है।

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कार्ति पर आरोप है कि उनके पिता पी. चिदंबरम के केंद्र में वित्तमंत्री रहते हुए उन्होंने निजी कंपनियों से कथित तौर पर विदेशी निवेश की मंजूरी दिलाने के बदले रिश्वत ली थी। विशेष अदालत के न्यायाधीश सुनील राणा ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को 46 वर्षीय कारोबारी से 12 मार्च तक पूछताछ करने की अनुमति प्रदान की थी। एजेंसी ने कार्ति चिदंबरम की हिरासत अवधि छह दिन और बढ़ाने की मांग की थी। सीबीआई 28 फरवरी को कार्ति की गिरफ्तारी के बाद से उनसे पूछताछ कर रही है।

पासपोर्ट होगा जमा

वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए ईडी द्वारा उनकी गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई 20 मार्च तक रोक लगा दी है। ईडी मामले में अलग से जांच कर रही है। हालांकि हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और आई. एस. मेहता की पीठ ने कार्ति को जांच में सहयोग करने, बुलाए जाने पर ईडी के समक्ष पेश होने और पासपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं।

बचाव पक्ष के वकील कपिल सिब्बल और सिंघवी ने अदालत को बताया कि सीबीआई की हिरासत से मुक्त होने पर ईडी द्वारा उनके मुव्वकिल की बारी-बारी से गिरफ्तारी की जारी रही है।

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