लॉकडाउन में मंदिर जाने की कि ‘गुस्ताखी’, तो पुलिस ने तोड़ी सख्ती की सभी सीमाएं

हाथों में पूजा की थाली थी। चेहरे पर गमछा और होठों पर पर आराध्य देव का जाप

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हाथों में पूजा की थाली थी। चेहरे पर गमछा और होठों पर पर आराध्य देव का जाप। घर से चंद कदमों की दूरी पर बने मंदिर के लिए निकले एक शख्स को उम्मीद थी कि उसे आज अपने भगवान कर दर्शन हो जाएंगे। लेकिन लॉकडाउन के लिए चौकन्नी पुलिस ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने इस भक्त को ऐसी सजा दी, जैसे वो मोहल्ले का गुंडा-मवाली हो।

वायरल हो रहा है पुलिस की गुंडागर्दी का वीडियो-

यकीनन लॉकडाउन में किसी को घर से बाहर जाने की इजाजत नहीं है। ये सही है कि इंसान बाहर तभी निकले जब उसे मेडिकल इमरजेंसी हो, या कोई जरूरी काम। लेकिन कुछ पुलिस वाले इस कानून की आड़ में सख्ती की सभी सीमाएं लांघ रहे हैं। कानपुर के पनकी इलाके में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। यहां पर एक शख्स अपने घर से चंद कदमों की दूरी पर बने मंदिर में दर्शन करने के लिए निकला तो इलाके के दारोगा का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया।

इस दारोगा ने इस भक्त को वापस भेजने के बजाय जलील किया। एसओ विनोद कुमार सिंह ने बुजुर्ग को रोका और बातचीत के बाद पूजा के लिए एक लोटे में भरे जल को थाली में फैला दिया। एसओ इतने में भी नहीं माने और उन्होंने बुजुर्ग को करीब 100 मीटर दूर पीपल के पेड़ तक रेंगकर जाने को मजबूर किया। दहशत के कारण बुजुर्ग व्यक्ति ने ऐसा ही किया।

क्या जानबूझ कर भावनाएं आहत की-

कानपुर पुलिस का ये वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोगों के अंदर पुलिस की इस हरकत के खिलाफ गुस्सा है। लोग पूछ रहे हैं ,जब पूजा करने वाला शख्स अकेले घर से निकला था, तो उसके साथ ऐसा सलूक करने की क्या जरूरत ? पुलिस चाहती तो उसे सख्ती के साथ वापस भेज सकती थी, लेकिन ऐसा करने के बजाय उसकी भावनाओं को आहत किया गया। सिर्फ उस शख्स ही नहीं वीडियो देखने वाले सभी लोग आहत हुए।

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-Adv-

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