नई दिल्लीः अमेरिका के chatgpt और चीन के Deepseek के बाद अब भारत भी जल्द ही अपना खुद का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम तैयार करने जा रहा है. केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्कर्ष ओडीशा कॉनक्लेव में बताया कि एआई सिस्टम के लिए जरूरी कॉमन कंप्यूट सुविधा के तहत ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) तैयार कर ली गई है. भारत का यह AI मॉडल चीन के एआई मॉडल ‘DeepSeek’ से भी ज्यादा शक्तिशाली होगा.
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भारत में तैयार होगा खुद का Gen AI
वैष्णव ने बताया कि बीते सप्ताह पूरी हुई इम्पैनलमेंट प्रक्रिया के परिणाम काफी उत्साहजनक रहे हैं. सरकार ने 10,000 GPU लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन इसके मुकाबले 18,693 GPU पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं. इससे स्पष्ट होता है कि भारत के पास अब इतनी क्षमता है कि कई AI फाउंडेशन मॉडल विकसित किए जा सकते हैं.
10 माह में होगा तैयार AI फाउंडेशन मॉडल
उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले आठ से दस महीनों में भारत का अपना AI मॉडल तैयार हो जाएगा. अब तक लगभग 15,000 हाई-एंड GPU लगाए जा चुके हैं. इस संख्या की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चीन का DeepSeek मॉडल मात्र 2,000 GPU पर ट्रेंड कर रहा है.
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दूसरे चरण की शुरुआत
AI मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत भी हो चुकी है. अब एआई मॉडल के प्रस्तावों के लिए कॉल शुरू कर दिया गया है, जो इस मिशन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है.
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि भारत एआई के क्षेत्र में अग्रणी बने और विश्वस्तरीय एआई सिस्टम तैयार करे.”