कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन आज, राजभवनों का करेंगे घेराव

किसानों कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन को धार देने के लिए राजभवनों का घेराव करेंगे।

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तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन के आज 7 महीने पूरे हो गए। किसान कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर धरना-प्रदर्शन कर रहे है। किसान संगठन आज देशभर के राजभवनों का घेराव करके के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। दिल्ली-गाजियाबाद बार्डर यूपी गेट पर किसानों द्वारा ट्रैक्टर मार्च भी निकाला जाएगा।

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जानकारी के मुताबिक किसानों के विरोध प्रर्दशन के चलते दिल्ली मेट्रो ने शनिवार को येलो लाइन पर तीन मुख्य स्टेशनों को चार घंटे के लिए बंद करने का फैसला किया है। डीएमआरसी ने ट्वीट कर बताया कि, “दिल्ली पुलिस के सुझाव पर, सुरक्षा कारणों से, येलो लाइन पर तीन मेट्रो स्टेशन- विश्वविद्यालय, सिविल लाइन्स और विधानसभा, शनिवार को जनता के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेंगे.”

कृषि कानून रद्द करने की मांग

भारतीय किसान संघ के प्रवक्ता ने कहा कि किसान बड़ी संख्या में गाजीपुर सीमा पर ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान तीन केंद्रीय कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर पिछले साल 25 नवंबर से प्रदर्शन कर रहे हैं। 26 जून को कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन के 7 महीने पूरे हो जाएंगे जिसको लेकर किसानों के प्रतिनिधि विभिन्न राज्यों के राज्यपालों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।

वार्ता के बाद भी नहीं टूटा गतिरोध

बता दें कि किसानों और सरकार के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है। लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हुआ। किसान नेताओं और सरकार के बीच आखिरी बार वार्ता 22 जनवरी को हुई थी। दिल्ली में 26 जनवरी को किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली जिसने हिंसक रूप ले लिया जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच वार्ता का दौर रूक गया था।

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