“गधा” (Donkey) है पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का सहारा!

जानिये पाकिस्तानी गधा (Donkey) का चाइनीज कनेक्शन, इमरान सरकार के कार्यकाल में बढ़े कितने गधे

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डॉन्की (Donkey) यानी “गधा” किसी को कहने के पहले सोच लीजियेगा!, दरअसल गधा किसी देश की अर्थव्यवस्था का भी सहारा हो सकता है.

पड़ोसी मुल्क चीन जाकर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में हाथ बंटाने वाला कथित अल्पज्ञानी पाकिस्तानी गधा (Donkey) भारत के पड़ोसी देश के लिए कितना अहम है, जानिये.

पाकिस्तान में गधों का वर्चस्व –

पाकिस्तान की आवाम भले ही कोरोना वायरस महामारी प्रकोप से जूझ रही हो, लेकिन देश में गधों (Donkey) की संख्या में बढ़त बरकरार है.

इमरान सरकार के आर्थिक सर्वे 2020-21 में इसका पता चला है. सर्वे के अनुसार पाकिस्तान में गधों (Donkey) की संख्या 3 लाख तक बढ़ गई है.

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इमरान सरकार का बने सहारा!

सर्वे के विश्लेषण के आधार पर जारी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में इमरान खान सरकार के पिछले तीन सालों के कार्यकाल में गधों की संख्या बढ़ी है.

मुल्क में गधों (Donkey) की संख्या प्रति वर्ष एक लाख के मान से बढ़ रही है. आपको बता दें जिस दौर का सर्वे बताया जा रहा है उस दौर में पाकिस्तान में अन्य जानवरों की वृद्धि दर स्थिर रही.

पाकिस्तान में कितने गधे

सर्वे में निकलकर सामने आए तीन लाख गधों को जोड़कर पाकिस्तान में कुल गधा (Donkey) संख्या 56 लाख तक जा पहुंची है. इस मान से गधों की संख्या के मामले में पाकिस्तान दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश माना जा रहा है.

Donkey की रफ्तार

पाकिस्तान के आर्थिक सर्वे के मान से पाकिस्तान में गधा (Donkey) एकमात्र ऐसा एनिमल है जिसकी संख्या वर्ष 2001-2002 के बाद से प्रतिवर्ष एक लाख की दर से बढ़ रही है. वहीं खच्चर, ऊँट, घोड़ों की यदि बात की जाए तो इनकी संख्या में वृद्धि पिछले एक दशक से स्थिर है.

चीन से डॉन्की एग्रीमेंट (Donkey agreement with china)

आर्थिक लाचारी झे रहे पाकिस्तान ने चीन के साथ पाकिस्तानी गधों के बारे में अहम करार किया है. देश में बढ़ती गधा (Donkey) संख्या के समाधान के लिए प्रतिवर्ष पाकिस्तान से 80 हजार गधों की खेप चीन रवाना होती है.

चीन में पाकिस्तानी गधा (Donkey) मांस खाने और दवा आदि बनाने जैसे कई अन्य कामों में उपयोग किया जाता है.

पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस प्रकोप के कारण बदहाली के दौर से गुजर रही है. ऐसे में गधों की बढ़ती संख्या से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को सहारा मिला है.

गधों पर निवेश

गधा (Donkey) की ऊंची नस्ल की वजह से कई चाइनीज कंपनियों ने पाकिस्तान से गधों का आयात करने के लिए पाकिस्तान में बड़ी मात्रा में निवेश किया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक पाकिस्तानी गधा गिरी से गिरी हालत में 15 से 20 हजार पाकिस्तानी रुपया कीमत की हैसियत रखता है.

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मतलब आलसी और मंद बुद्धि समझा जाने वाला यह जानवर गधा (Donkey) पाकिस्तान सरकार को मोटा मुनाफा कमाकर दे रहा है.

अब जब कमाऊ जानवर भले ही वो गधा (Donkey) ही क्यों न हो उसकी देखभाल के लिए पाकिस्तान में खास अस्पताल भी बनाए गए हैं.

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