1190 करोड़ खर्च, 114 खामियां, पावर कारपोरेशन की रिपोर्ट ने खोली पोल

0

1190 करोड़ खर्च, 114 खामियां, पावर कारपोरेशन की रिपोर्ट ने खोली पोल

वाराणसी – पूर्वांचल में बिजली आपूर्ति बेहतर करने के लिए 1190 करोड़ रुपये के बिजनेस प्लान के तहत हुए कार्यों में 114 तरह की खामियां सामने आई हैं. यह खुलासा पावर कारपोरेशन को गत दिनों सौंपी गई भौतिक सत्यापन रिपोर्ट के बाद हुआ है. 9 जगहों पर अबतक बिजनेस प्लान के तहत कार्य शुरू ही नहीं हुआ है.

जुगाड़ से किए गए काम

रिपोर्ट के अनुसार कहीं तार गायब है तो कहीं ट्रांसफार्मरों में जेड क्लैंप नहीं लगाए गए हैं. ट्रांसफार्मरों की खूंटी में ‘लाक’ नार्मल तार से ही टाइट कर दिए गए. ट्रांसफार्मर से ‘बसबार’ तक जाने वाली जाने वाली केबल लगाने में भी गड़बड़ी की गई. सिंगल कोर की पुरानी लीड लगा दी गई. हाईटेंशन ओवरहेड लाइन निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई. लाइन में ‘टी आफ’ न लगाने से दो तारों के बीच दूरी कम हो गई है और इससे तेज हवा चलने पर तारों के आपस में टकराने से आपूर्ति बाधित होने की संभावना बढ़ जाती है.

Also Read: अब मैं छुट्टा सांड हो गया हूं – बृजभूषण सिंह

अर्थिंग की तारों को ऐसे ही छोड़ा

इसमें घालमेल कर ठेकेदारों ने कई किमी लंबी केबल गोल कर दी. इसके अलावा मोड़ वाली जगहों पर लाइन में ‘स्टे’ नहीं लगाया गया. इससे बिजली पोल के एक तरफ झुकने का खतरा बना रहता है. कई जगहों पर ऐसे ही अर्थिंग छोड़ दी गई है. विद्युत वितरण खंड (चिरईगांव) के पलहीपट्टी उपकेंद्र में दोनों 33 केवी पैनलों को एक ही अर्थिग से जोड़ दिया गया जबकि दोनों पैनल में अलग अलग अर्थिग होनी चाहिए. जैतपुरा स्थित एक ट्रांसफार्मर में एंगल की जगह बांस लगाकर केबल बांध दिया गया.

निदेशक से लेकर एमडी ने किया सत्यापन

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम क्षेत्र में हुए कार्यो के भौतिक सत्यापन की अभियंताओं के अलावा तहसीलदारों को भी जिम्मेदारी दी गई थी. निदेशक और प्रबंध निदेशक ने भी सत्यापन किया था.

Written By: Harsh Srivastava

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. AcceptRead More